विश्राम दिवस

विश्राम का अर्थ है बस होना । जहाँ हैं, जैसे हैं, जिस भी परिस्थिति में हैं, वहीँ होना, पूरी पूर्णता में । बिना किसी आतंरिक द्वंद के स्व में स्थित होना ही विश्राम है ।
            सारी झटपटाहट मन की है । सारी बैचेनी कहीं पहुँचने की है । जैसे ही जीवन से व्यर्थ की दौड़, व्यर्थ का श्रम ख़त्म होता है, विश्राम आता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *