आनंद दिवस

आनंद अकारण होता है । जब कभी कोई यूँ ही ख़ुश होता है, सहज ही कोई लहर उठती है, कोई अनजानी मस्ती, तब वह क्षण आनंद का होता है । मन हमेशा ही कारण ढूँढ़ता है चीज़ों को करने के । मन कार्य-कारण, cause-effect के सिद्धांत से बँधा होता है । इसलिए बिना किसी बात के प्रसन्न होना मन को अतार्किक लगता है । आनंद कार्य-कारण की परिभाषा से पार है। जब सारे कारण विलीन हो जाते हैं तब आनंद फूटता है ।

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